
आजमगढ़। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नगर के गुरुघाट स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर एवं गहजी स्थित मौनी बाबा आश्रम में श्रद्धा और भक्ति के साथ पर्व मनाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिर में स्थापित संत शिरोमणि मौनी बाबा की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मौनी बाबा मंडल फाउंडेशन के महामंत्री पंडित सुभाष चंद्र तिवारी ‘कुन्दन’ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के स्वरूप के साथ परमब्रह्म के रूप में पूजा जाता है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।
साहित्यकार संजय कुमार पांडेय ‘सरस’ ने कहा कि सेवा और परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं है। उन्होंने संत शिरोमणि मौनी बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सिद्धियों और तपस्या के बल पर सदैव अपने शिष्यों का कल्याण किया।
कार्यक्रम के अंत में मंदिर के महंत संजय दास महाराज ने सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वदेव उपाध्याय, रवि जायसवाल, जवाहर पाठक, सुभाष श्रीवास्तव, राजेश रंजन, गिरीश सेठ, जितेंद्र तिवारी, अमरेंद्र राय, रविशंकर पांडेय, रितेश पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
