
आजमगढ़। पूजा-पाठ के बहाने घरों में प्रवेश कर आभूषण समेत अन्य सामान की ठगी करने वाले गिरोह की सदस्य और गैंगस्टर एक्ट में वांछित 25 हजार रुपये की इनामिया अभियुक्ता को गंभीरपुर पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्ता के खिलाफ आजमगढ़ और जौनपुर जनपद में ठगी व चोरी से संबंधित कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया।
पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त 2025 को गंभीरपुर थाना क्षेत्र के सरायपलटू गांव में तीन अज्ञात महिलाएं पूजा-पाठ करने के बहाने एक महिला के घर में दाखिल हुई थीं। आरोप है कि महिलाओं ने घर से आभूषण समेत अन्य सामान लेकर ठगी की घटना को अंजाम दिया। मामले में 12 सितंबर 2025 को गंभीरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपियों की पहचान होने पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई और आरोप पत्र न्यायालय भेज दिया गया।
विवेचना में सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्ता जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुर झमका गांव की रहने वाली है और अपने साथियों के साथ मिलकर आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम देती थी। इसके बाद गैंगचार्ट अनुमोदित होने पर गंभीरपुर थाने में गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम के तहत गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया।
गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रही अभियुक्ता की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने सात सितंबर 2026 को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर गंभीरपुर पुलिस ने आजमगढ़-मोहम्मदपुर दयालपुर मोड़ के पास घेराबंदी की। दोपहर करीब 12:10 बजे पुलिस टीम ने इनामिया अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्ता के खिलाफ गंभीरपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट और पूजा-पाठ के बहाने आभूषण ठगी का मामला दर्ज है। इसके अलावा फूलपुर और रानी की सराय थाने में तथा जौनपुर के मछलीशहर थाने में चोरी व ठगी से संबंधित मुकदमे भी पंजीकृत हैं। इस तरह उसके विरुद्ध आजमगढ़ और जौनपुर में कुल पांच अभियोग दर्ज हैं।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल सन्नी पाण्डेय, महिला कांस्टेबल अनामिका मिश्रा, कांस्टेबल दुर्गेश राय और महिला कांस्टेबल स्वाती जायसवाल शामिल रहीं।
