
अतरौलिया से आशीष कुमार निषाद (आजमगढ़)। ब्लॉक सभागार परिसर में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान और फोर्सेस उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों ने ‘एक कदम स्वस्थ बचपन की ओर’ पोस्टर का विमोचन किया। इसके साथ ही एक गर्भवती महिला की गोद भराई और एक शिशु का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया।
मुख्य अतिथि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शिवाजी सिंह ने कहा कि देश को सुपोषित बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से हरी सब्जियां, दालें, दही और मोटे अनाज को अपने दैनिक आहार में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतुलित और पौष्टिक भोजन बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास की नींव है।
एचईओ जितेंद्र कुमार ने कहा कि व्यक्ति के श्रम और जरूरत के अनुरूप संतुलित भोजन स्वस्थ शरीर का आधार है। भोजन का अधिकार अभियान के प्रतिनिधि राजशेखर ने पैकेज्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह देते हुए सत्तू, भुना चना, मूंगफली, दलिया और मौसमी फलों जैसे स्थानीय और आसानी से उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने पर जोर दिया।
संस्थान के राजदेव ने कहा कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से कुपोषण के खिलाफ चल रही मुहिम को लगातार मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि परिवार और समुदाय की सहभागिता से ही कुपोषण को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
संगोष्ठी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से पोषण से भरपूर साग-सब्जियों और फलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में सराहनीय कार्य करने वाली पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सीडीपीओ सीता यादव, बीसीपीएम सुरेश पांडेय समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य लोग मौजूद रहे।
