कुकरौछी में 1.80 करोड़ से बनेगा बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्रप्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने किया शिलान्यास, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों के ठहरने से लेकर प्राथमिक उपचार तक की होगी व्यवस्था

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आजमगढ़। बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में आजमगढ़ को बड़ी सौगात मिली है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की पहल पर सगड़ी तहसील के ग्राम कुकरौछी में करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। सोमवार को प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने केंद्र के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।
इस मौके पर प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि योगी सरकार ने आपदा प्रबंधन की व्यवस्था को केवल मुआवजा और राहत वितरण तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे त्वरित रिस्पांस सिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ से लेकर आधुनिक बाढ़ कमांड सेंटर तक आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत किया गया है। त्वरित बचाव, बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक और मानकीकृत राहत सामग्री पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को मजबूत करने तथा बचाव दलों को जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस परियोजना की पहल की है। प्रशासन के अनुसार, क्रिटिकल गैप की धनराशि से विकसित किया जा रहा यह केंद्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधा साबित होगा। बाढ़ के समय आसपास सरकारी भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रभावित लोगों और राहत टीमों को कई बार निजी भवनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नए केंद्र के बनने से इस समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकेगा।
एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों को मिलेगी ठहरने की सुविधा
बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र में आपदा के समय तैनात होने वाली एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य राहत-बचाव टीमों के ठहरने तथा अभियान संचालित करने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। केंद्र में चार कमरे और टॉयलेट, एक डोरमेट्री, किचेन एवं डाइनिंग हॉल, मीटिंग हॉल और स्टोर रूम का निर्माण कराया जाएगा।
केंद्र में राहत सामग्री और आपातकालीन उपकरणों के सुरक्षित भंडारण की भी व्यवस्था होगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नजदीक राहत टीमों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध होने से आवश्यकता पड़ने पर उनकी त्वरित तैनाती की जा सकेगी। इससे राहत एवं बचाव कार्यों के बेहतर समन्वय में भी मदद मिलेगी।
53.58 लाख से बनेगा आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र
बाढ़ बचाव नियंत्रण केंद्र परिसर में 53.58 लाख रुपये की लागत से दो कक्षों वाले आपातकालीन स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार केंद्र और बाउंड्रीवाल का निर्माण भी शुरू हो चुका है। एक कक्ष में प्राथमिक उपचार सामग्री के लिए स्टोर रूम तथा दूसरे में शौचालय सहित फर्स्ट एड की सुविधा उपलब्ध होगी।
आपदा के दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों और अन्य जरूरतमंदों को मौके पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे राहत, बचाव और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।
मुख्य मार्ग से केंद्र तक बनेगा संपर्क मार्ग
बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव दलों और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए मुख्य मार्ग से केंद्र तक संपर्क मार्ग का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। इसके साथ सड़क की आवश्यक फीलिंग और भूमि को निर्धारित स्तर तक ऊंचा करने का कार्य कराया जा रहा है।
इससे बाढ़ की स्थिति में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों, एंबुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों के साथ राहत सामग्री और जरूरी उपकरणों को केंद्र तक पहुंचाने में आसानी होगी।
आपदा प्रबंधन को मिलेगा मजबूत आधार
ग्राम कुकरौछी में विकसित किया जा रहा यह केंद्र एक ही परिसर में राहत-बचाव टीमों के ठहरने, राहत सामग्री व उपकरणों के भंडारण और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों की गति और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशन में परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत और आवश्यक सेवाएं पहुंचाई जा सकें।
कार्यक्रम में एसएसपी डॉ. अनिल कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह, पूर्व विधायक वंदना सिंह, अरविंद जायसवाल, मनीष मिश्रा समेत जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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