
आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा कस्बे में मधुमक्खियों के झुंड के हमले ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बकरी चराने गए 65 वर्षीय अधेड़ की सैकड़ों मधुमक्खियों के डंक से मौत हो गई। जान बचाने के लिए उन्होंने पानी से भरे हौज में शरण ली और खेतों की ओर भागे, लेकिन मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम और इलाके में शोक की लहर फैल गई। फरिहा कस्बे के कुरैशी मोहल्ला निवासी इश्तियाक कुरैशी (65) की मधुमक्खियों के हमले में मौत हुई।
परिजनों के अनुसार इश्तियाक कुरैशी मंगलवार शाम बकरी चराने के लिए फरिहा स्थित सरकारी ट्यूबवेल के पास गए थे। इसी दौरान कुछ लड़के पास के आम के पेड़ से फल तोड़ने के लिए कंकड़ मार रहे थे। पेड़ के समीप मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा था। कंकड़ छत्ते से टकराते ही मधुमक्खियां भड़क गईं और झुंड बनाकर आसपास मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। लड़के तो वहां से भाग निकले, लेकिन इश्तियाक कुरैशी मधुमक्खियों के झुंड में फंस गए।
मधुमक्खियों ने उनके शरीर पर लगातार डंक मारना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए वह पास स्थित सरकारी ट्यूबवेल के हौज में भरे पानी में उतर गए और काफी देर तक पानी में डूबे रहे। इसके बावजूद मधुमक्खियां पानी के ऊपर मंडराती रहीं। जब सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो वह पानी से बाहर निकलकर खेतों की ओर भागे, लेकिन मधुमक्खियों का झुंड उनका पीछा करता रहा और पूरे शरीर पर डंक मारता रहा।
लगातार हमले से बिगड़ी हालत
लगातार हमले से उनकी हालत गंभीर हो गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। मधुमक्खियों के आतंक के कारण कोई भी व्यक्ति तत्काल उनके पास जाने का साहस नहीं जुटा सका। बाद में कुछ युवकों ने कंबल ओढ़कर हिम्मत दिखाई और किसी तरह मधुमक्खियों को भगाकर उन्हें वहां से निकाला।
इसके बाद उन्हें उपचार के लिए फरिहा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। अधेड़ की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
