
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर गांव में दो दिन पूर्व हुए भीषण गोलीकांड के मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। दोनों ही मुकदमों में मृतक आरोपी अरविंद सिंह को नामजद किया गया है। एक मुकदमा मृतक पंडित अखिलेश मिश्रा के पुत्र हिमांशु मिश्रा की तहरीर पर दर्ज हुआ है, जबकि दूसरा मुकदमा अहरौला थाना प्रभारी रामकिशोर शर्मा की ओर से दर्ज कराया गया है।
पहला मुकदमा मृतक पंडित अखिलेश मिश्रा के पुत्र हिमांशु मिश्रा की तहरीर पर दर्ज किया गया है। बताया गया कि घटना के दौरान हिमांशु मौके से अपनी जान बचाकर भाग निकला था। उसने पुलिस को दी गई तहरीर में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए अरविंद सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। तहरीर के आधार पर अहरौला थाने में अरविंद सिंह के खिलाफ धारा 103(1), 109(1) और 352 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
वहीं दूसरी FIR अहरौला थाना प्रभारी रामकिशोर शर्मा की ओर से दर्ज कराई गई है। इसमें पुलिस कार्रवाई के दौरान अरविंद सिंह की ओर से गोली चलाने तथा कमरे में मौजूद अपने मासूम बेटे को गोली मारने की घटना का उल्लेख किया गया है। थाना प्रभारी की तहरीर के आधार पर अहरौला थाने में धारा 5, 27, 30 और 109(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दोनों मुकदमों में नामजद अरविंद सिंह की घटना के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मौत हो चुकी है। ऐसे में FIR में नामजद आरोपी के रूप में उसका नाम दर्ज होने के बावजूद आगे की विवेचना घटना में शामिल अन्य तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर की जाएगी।
शम्भूपुर गोलीकांड में पुलिस के अनुसार अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी समेत तीन लोगों की हत्या की थी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों को कमरे में लेकर बंद हो गया था। पुलिस और परिजन कई घंटे तक उसे समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करते रहे। बाद में कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज आने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बच्चों को बाहर निकाला। इस दौरान अरविंद सिंह घायल हुआ और अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले में दर्ज दोनों FIR अब विवेचना का हिस्सा हैं और पुलिस द्वारा घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
