
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के ग्राम शम्भूपुर में दो ब्राह्मणों की हत्या के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश ब्राह्मण चेतना समिति ने सरकार से मृतकों के परिजनों को तत्काल एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मधुसूदन त्रिपाठी, सेवानिवृत्त डीजीसी क्रिमिनल, आजमगढ़ ने कहा कि मृतक परिवारों के साथ सामाजिक न्याय किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शम्भूपुर में दो निर्दोष ब्राह्मणों की निर्मम हत्या की गई है। घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम का माहौल है। जिन घरों में खुशियां थीं, वहां अब परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि एक परिवार की महिला की मांग का सिंदूर उजड़ गया और बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
मधुसूदन त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद राजनीतिक दलों के लोग शम्भूपुर पहुंचकर अपनी राजनीतिक गतिविधियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में इस तरह की घटना पर राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवारों की वास्तविक मदद की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है, इसलिए पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि मृतक दोनों ब्राह्मणों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की मुआवजा राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए और इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित चेक दिए जाएं।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ उनके बच्चों और आश्रितों के भविष्य की जिम्मेदारी सुनिश्चित करना भी सरकार का दायित्व है। यही वास्तविक सामाजिक न्याय होगा।
