
आजमगढ़: 26 अगस्त को पुलिस को जानकारी हुई कि बम्हौर सिक्स लेन नं0 248-249 किलोमीटर के मध्य स्थित नाले में भरे हुए पानी में प्रतिबंधित पशु का सिर व खाल आदि अन्य अवशेष पानी में तैर रहा है। सूचना पर मौके पर पहुँच कर देखा गया तथा जनता के सहयोग से प्रतिबंधित पशु के सिर व खाल आदि अवशेष को पानी से बाहर निकलवाया गया। बारीकी से निरीक्षण करने पर पाया गया कि गला काटकर प्रतिबंधित पशु का वध किया गया है। पास में ही एक जीवित बछड़ा रंग मिला जिसके गले में रस्सी बँधी हुई थी। जीवित पशु को गौशाला मुबारकपुर भेजवाया गया। धारा 3/5/8 गो0नि0 अधि0 बनाम अज्ञात के पंजीकृत हुआ। जिसकी विवेचना उ0नि0 आशुतोष मौर्य द्वारा की जा रही है। पूछताछ मुखबिर व अन्य साक्ष्य संकलन से मुकदमा उपरोक्त मे जीशान उर्फ अजालू पुत्र अफजल, इन्तजार आलम पुत्र रिजवान अहमद उर्फ बुद्धू, रहीम पुत्र शमीम, कलीम पुत्र शमीम, अब्दुलरहमान पुत्र मो0 आरिफ, मो0 मुजाहिद पुत्र मो0 सगीर निवासीगण बम्हौर, थाना मुबारकपुर तथा शमशाद अहमद पुत्र स्व0 जियाउद्दीन निवासी समौधी थाना मुबारकपुर का नाम प्रकाश मे आया ।
उ0नि0 आशुतोष मौर्य मय हमराह ने नीबी अण्डर पास के पास स्थित बाग से चार व्यक्तियो को पकड़ लिया गया। एक ने अपना अब्दुल रहमान पुत्र मो0 आरिफ ग्राम बम्हौर, उम्र 20 वर्ष बताया। दूसरे ने अपना नाम शमशाद अली पुत्र जियाउद्दीन ग्राम समौधी पुरारानी, थाना मुबारकपुर उम्र 45 वर्ष बताया । तीसरे नें अपना नाम मो0 मुजाहिद पुत्र मो0 सगीर ग्राम बम्हौर उम्र 23 वर्ष बताया तथा चौथे ने अपना नाम इन्तजार आलम पुत्र रिजवान अहमद उर्फ बुद्धू ग्राम बम्हौर, उम्र करीब 20 वर्ष बताया। पूछने पर बताये कि चारो लोग व अजालू, रहीम व कलीम कुल सात लोग मिलकर रात्रि मे प्रतिबंधित पशु को लाते है तथा सर्विस लेन के आसपास सुनसान स्थान देखकर उसका वध करते है। उसके मांस को घूमफिर कर चुपके से बेच देते है तथा उससे पैसे मिलते है। अभी कुछ दिन पहले जीशान उर्फ अजालू पुत्र अफजल के पास एक प्रतिबंधित पशु व बछड़ा था। वह प्रतिबंधित पशु दूध देना बन्द कर दी थी तो अजालू अपनी प्रतिबंधित पशु व बछड़े को लेकर नीबी अण्डर पास के बगल मे सर्विस लेन के पास लेकर आया था। बछड़े को अजालू व रहीम पुत्र शमीम व कलीम पुत्र शमीम के साथ हम चारो लोग इन्तजार, अब्दुल रहमान, मुजाहिद तथा शमशाद ने मिलकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास बछड़े को बध कर दिये तथा उसके मांस को आपस मे बाटकर बिक्री कर दिये थे तथा प्रतिबंधित पशु को उससे कुछ दूर पर बांध कर बाद मे बध करने के लिए छोड़ दिये थे कि कुछ लोग आने जाने लगे जिस कारण उस समय हम लोग उक्त प्रतिबंधित पशु का बध नही कर सके। आज भी एक दूसरी प्रतिबंधित पशु को पकड़कर बध करने के लिए ही बैठे थे कि पकड़ लिया गया। बरामदगी में 02 चापड़, 02 कुल्हाड़ी व एक लकड़ी का ठीहा रहा।