






आजमगढ़। जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जहां कई अपराधियों को थाने में नियमित हाजिरी लगाने का आदेश दिया गया है, वहीं आपराधिक प्रवृत्ति के शस्त्र लाइसेंस धारकों के लाइसेंस भी निरस्त और निलंबित किए जा रहे हैं।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) के आदेश पर पुलिस रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न थानों के पांच अपराधियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई है। इन अपराधियों को निश्चित अवधि तक अपने-अपने थानों में नियमित हाजिरी लगाने का आदेश दिया गया है, जिससे उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और संभावित अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
कोतवाली थाना क्षेत्र के हरैया निवासी नीरज कुमार को दो माह तक प्रत्येक 15 दिन पर कोतवाली थाने में उपस्थित होकर हाजिरी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। इसी तरह मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मलिक सुदनी निवासी सुनील कुमार को छह माह तक प्रत्येक सप्ताह थाने में हाजिरी लगानी होगी। निजामाबाद थाना क्षेत्र के तिग्गीपुर निवासी सज्जू उर्फ शहजाद को दो माह तक प्रत्येक पंद्रह दिन पर हाजिरी देने का निर्देश दिया गया है। जीयनपुर थाना क्षेत्र के खास निवासी शेरू उर्फ मोहम्मद महफूज को दो माह तक प्रत्येक सप्ताह तथा तहबरपुर थाना क्षेत्र के टीकापुर निवासी सुरेंद्र यादव को दो माह तक प्रत्येक पखवाड़े पर थाने में हाजिरी लगाने का आदेश दिया गया है। आदेश का पालन न करने पर इनके खिलाफ आगे और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, जनपद में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की संस्तुति के बाद जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन से तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए गए हैं। इनमें मुबारकपुर थाना क्षेत्र के देवकली तारन निवासी सुरेश दुबे का एसबीबीएल बंदूक लाइसेंस निरस्त, रौनापार थाना क्षेत्र के पूराबालनारायण निवासी राकेश कुमार यादव का रिवाल्वर लाइसेंस निरस्त तथा सरायमीर थाना क्षेत्र के सड़वाहा निवासी आद्या चौहान का राइफल लाइसेंस निलंबित किया गया है।
प्रशासन के अनुसार इन व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज हैं और इनके पास शस्त्र रहना जनहित में उचित नहीं पाया गया। अब तक जनपद में कुल 69 शस्त्र लाइसेंस निरस्त या निलंबित किए जा चुके हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि जनपद में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिन व्यक्तियों के पास शस्त्र होने से जनसुरक्षा को खतरा है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
