शहर के समीप होटल में वन विभाग के अधिकारियों की दबिश में वन्य जीव अंग की तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार, मॉनिटर लिजर्ड के सूखे अंग बरामद

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बबलू राय आजमगढ़ की रिपोर्ट

आजमगढ़। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) की सूचना पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिधारी स्थित होटल में छापेमारी कर वन्यजीवों के प्रतिबंधित अंगों की तस्करी का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के 24 सूखे हेमीपेनिस (हथ्थाजोड़ी) बरामद किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक बताई जा रही है।

वन विभाग को 6 मई 2026 की सुबह सूचना मिली थी कि होटल के कमरा संख्या-209 में कुछ लोग वन्यजीवों के अंगों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। सूचना के आधार पर गठित टीम ने होटल में छापा मारकर दिल्ली निवासी अजय प्रताप सिंह और मऊ निवासी दिलीप राय को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे वन्यजीवों एवं उनके अंगों के अवैध कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि बरामद हथ्थाजोड़ी का उपयोग तांत्रिक क्रियाओं में किया जाता है। वन विभाग ने सभी बरामद अंगों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

अधिकारियों के अनुसार मॉनिटर लिजार्ड वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित प्रजाति है। इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध रेंज केस संख्या 03/2026-27 के तहत अधिनियम की धारा 9, 39, 48ए, 49, 49बी, 50 एवं 51 में मुकदमा दर्ज किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों को 7 मई 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। जिला न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद दोनों आरोपियों ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर अभी सुनवाई लंबित है।

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों और उनके अंगों की तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।

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