
आजमगढ़, पटवध से बबलू राय। जिले में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच ट्रकों पर लदी भारी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद की है। कार्रवाई के बाद सभी ट्रकों को सीज कर वन विभाग की अभिरक्षा में ले लिया गया है तथा संबंधित धाराओं में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार 10 जून की रात वन विभाग को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते अवैध रूप से लकड़ी परिवहन किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सेंहदा टोल प्लाजा पर सघन जांच अभियान चलाया। रात लगभग 12 बजे से 1 बजे के बीच की गई चेकिंग के दौरान पांच संदिग्ध ट्रकों को रोककर उनकी तलाशी ली गई।
जांच में पाया गया कि ट्रकों में बड़ी मात्रा में लकड़ी लदी हुई थी। पूछताछ के दौरान चालकों ने बताया कि चार ट्रक सुल्तानपुर जनपद से तथा एक ट्रक प्रतापगढ़ जनपद से आ रहा था। जब अधिकारियों ने लकड़ी के स्रोत, वृक्षों के कटान की अनुमति और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा तो चालक कोई भी आवश्यक अभिलेख नहीं दिखा सके।
वन विभाग द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह भी सामने आया कि ट्रकों में आम, महुआ और गूलर जैसी प्रजातियों की लकड़ी लदी हुई थी। इन वृक्षों के कटान और परिवहन के लिए निर्धारित नियमों के तहत वैध अनुमति और आवश्यक कागजात होना अनिवार्य है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिला। इसके चलते अधिकारियों ने लकड़ी के परिवहन को अवैध मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
इसके बाद पुलिस ने पांचों ट्रकों को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम (आईएफए) की धारा 52, 66 और 69 के तहत सभी वाहनों और लकड़ी को जब्त कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वन अपराध के मामलों में न केवल अवैध रूप से काटी गई लकड़ी बल्कि उसके परिवहन में प्रयुक्त वाहन भी जब्ती की कार्रवाई के दायरे में आते हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध कटान और लकड़ी तस्करी से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर विशेष अभियान चलाकर अवैध लकड़ी परिवहन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद लकड़ी तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद लकड़ी कहां से काटी गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है।
