साइबर ठगी का खुलासा: फर्जी ट्रांसपोर्ट कंपनी के चक्कर में ठग का शिकार, पीड़ित को 4500 रुपये वापस, पुलिस ने दिखाई तत्परता

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आजमगढ़। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना रौनापार पुलिस ने एक पीड़ित को राहत दिलाते हुए ठगी की रकम में से ₹4500 वापस कराए हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को आंशिक नुकसान की भरपाई हो सकी।
कैसे हुई ठगी
ग्राम बनकटा निवासी प्रशान्त यादव ने ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट सेवा की तलाश के दौरान सोशल मीडिया पर दिखाई गई एक फर्जी कंपनी “VRL LOGISTICS LTD” पर भरोसा कर 17 दिसंबर 2025 को ₹9000 का भुगतान कर दिया। भुगतान के बाद संबंधित नंबर बंद हो गया, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
तुरंत की शिकायत, मिला फायदा
पीड़ित ने बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही थाना रौनापार की साइबर टीम सक्रिय हो गई।
ऐसे वापस कराए पैसे
पुलिस ने Airtel Payments Bank से समन्वय कर ₹9000 में से ₹4500 की राशि फ्रॉडस्टर के खाते में होल्ड करा दी। इसके बाद न्यायालय के आदेश से यह रकम पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
साइबर ठगी के आम तरीके
फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए ठगी
एडवांस पेमेंट लेकर संपर्क तोड़ देना
गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर
KYC/OTP के नाम पर ठगी
फर्जी लिंक या ऐप के जरिए डेटा चोरी
बचाव के उपाय
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन भुगतान से पहले कंपनी की सत्यता जांच लें। अज्ञात लिंक या नंबर पर भरोसा न करें और OTP, PIN या पासवर्ड किसी से साझा न करें।
फ्रॉड होने पर क्या करें
तुरंत 1930 पर कॉल करें
cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
पुलिस ने कहा कि समय रहते शिकायत करने पर ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है और आगे भी साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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