बताए गए प्रभु यीशु के सात वचन, की गई विशेष प्रार्थना, गुड फ्राइडे पर गिरजा घर में आयोजन, ईसाई समाज ने रखा उपवास, ईसाइयों के लिए पवित्र दिन माना जाता है यीशु का बलिदान दिवस

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आजमगढ़। गुड फ्राइडे यानी प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर लटकाए जाने का दिन। ईसाई धर्म के लोगों के लिए यह दिन काफी अहम होता है। हालांकि, यह दिन अपने नाम के विपरीत शोक मनाने का है। इसी दिन ईसा मसीह ने मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राण त्याग दिए थे। उनके इस बलिदान की याद में ही हर साल गुड फ्राइडे मनाया जाता है। चूंकि मानवता की रक्षा के लिए यीशु ने बलिदान दिया था इसलिए ईसाइयों के लिए एक पवित्र दिन माना जाता है।
इस मौके पर शहर के गिरजा घर में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। तमाम लोगों ने अपनी इच्छा के अनुसार दिन भर उपवास रखा तो कुछ ने फलाहार किया। प्रार्थना सभा के बाद फादर रेवेरेंट वेबस्टर सैमुअल जेम्स ने प्रभु यीशु मसीह के आखिरी सात वचनों के बारे में बताया, जिसे लोगों ने मनन किया। इसमें पहला वचन हे पिता इन्हें क्षमा कर क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं। दूसरा यह कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्ग लोक में होगा, तीसरा वचन ऐ नारी देख यह तेरा पुत्र है, चौथी वाणी हे मेरे परमेश्वर तूने मुझे क्यों छोड़ दिया। पांचवा वचन मैं प्यासा हूं, छठा वचन है पूरा हुआ। सातवां वचन है कि हे पिता मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं। चर्च की पूर्व केयर टेकर शोभना वेंचुरा ने बताया कि फादर वेबस्टर जेम्स की मौजूदगी में विशेष प्रार्थना की गई। आज का दिन हम लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है।

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