






आजमगढ़। थाना कोतवाली क्षेत्र में जिला कारागार के सरकारी खाते से कूटरचना कर निकाली गई धनराशि के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायालय ने फर्जीवाड़े से निकाले गए 1.43 लाख रुपये को वापस सरकारी खाते में जमा कराने का आदेश दिया है।
मामले के अनुसार, जिला कारागार आजमगढ़ के अधीक्षक ने शिकायत देकर बताया था कि रामजीत यादव उर्फ संजय, शिवशंकर उर्फ गोरख, मुशीर अहमद और अवधेश कुमार पाण्डेय ने आपसी साठगांठ कर कार्यालय से चेकबुक हासिल की और धोखाधड़ी करते हुए सरकारी धन का गमन कर लिया। इस पर थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए पाया कि फर्जी तरीके से ट्रांसफर की गई धनराशि विभिन्न अभियुक्तों के बैंक खातों में मौजूद है, जिसकी कुल रकम 1,43,002 रुपये है।
इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में रिपोर्ट पेश कर धनराशि की रिकवरी की मांग की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने सभी संबंधित खातों से कुल 1.43 लाख रुपये जिला कारागार के सरकारी खाते में वापस जमा कराने का आदेश जारी किया।
पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराध और फर्जीवाड़े से अर्जित धन की रिकवरी के लिए आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
