






आजमगढ़, 15 अप्रैल। कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की जयंती के अवसर पर भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने निजामाबाद में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनकी रचनाओं का पाठ किया और साहित्य जगत में उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में उपस्थित भारत रक्षा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिकेश विक्रम ने कहा कि आजमगढ़ की धरती साहित्यकारों की जननी रही है और उन्हीं में से एक महान नाम हरिऔध जी का है। उन्होंने खड़ी बोली में महाकाव्य ‘प्रियप्रवास’ की रचना कर हिंदी साहित्य को नई दिशा दी। उनकी प्रसिद्ध कविता “उठो लाल अब आंखें खोलो, पानी लाई हूं मुंह धो लो” आज भी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को कंठस्थ है। उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि ऐसी महान विभूतियां अपने कृतित्व से सदैव अमर रहती हैं और समाज को मार्गदर्शन देती हैं।
हरिकेश विक्रम ने यह भी बताया कि वर्ष 2002 में स्थापित हरिऔध की प्रतिमा लंबे समय तक उपेक्षित और गंदगी में पड़ी रही, लेकिन संगठन के कार्यकर्ताओं ने इसकी सुध लेते हुए गेट, चाहरदीवारी की मरम्मत कराई और रंगाई-पुताई कराकर इसे व्यवस्थित किया। उन्होंने कहा कि आगे भी प्रतिमा स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
इस अवसर पर धर्मवीर शर्मा, इंदल चौहान, सभाजीत पांडेय, कामता सोनकर, धीरजी श्रीवास्तव, उमेश कुमार सहित अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर हरिऔध जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
