






आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय एदिलपुर मैं 13 अप्रैल को कक्षा 3 में पढ़ने वाले मासूम हिमांशु राजभर को स्कूल में बंद करके चले जाने वाले लापरवाह सहायक शिक्षा अधिकारी श्रीकांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस बात की पुष्टि जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने की है। इस पूरी घटना का खुलासा उस समय हुआ। जब प्राइमरी स्कूल में छुट्टी के 2 घंटे बाद भी मासूम घर नहीं पहुंचा। जिसके बाद अपने बेटे को तलाशते हुए मां स्कूल पहुंची। जहां देखा कि बेटा स्कूल के अंदर बंद था और रो रहा था। इसके बाद प्रधान के घर से दूसरी चाबी मंगाई गई और ताला खोलकर मासूम को बाहर निकाला गया था। मासूम की मां फूला देवी ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने इस पूरे मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी से कराई इसके साथ ही प्रधानाध्यापक सहायक अध्यापक और कक्षा अध्यापक को नोटिस भी जारी किया था। इस पूरे मामले की जांच में सहायक अध्यापक श्रीकांत सिंह की लापरवाही सामने आई जिसके आधार पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
पढ़ाई के दौरान सो गया था मासूम
आजमगढ़ के अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाला मासूम पढ़ाई के दौरान स्कूल में सो गया था। हैरानी की बात यह है कि छुट्टी के समय स्कूल के अध्यापकों ने बिना पूरी जांच किए ही स्कूल में ताला लगा दिया और वहां से चले गए। मासूम बच्चा स्कूल के अंदर ही बंद रह गया और किसी को इसकी खबर तक नहीं हुई।
उधर जब कई घंटे बीत जाने के बाद भी हिमांशु घर नहीं पहुंचा, तो उसकी मां फूला देवी परेशान हो गईं। उन्होंने पहले आसपास के बच्चों से पूछताछ की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली। तो वह खुद अपने बेटे को खोजते हुए स्कूल पहुंचीं। स्कूल के बाहर पहुंचने पर उन्हें अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद ग्राम प्रधान की मदद से स्कूल की चाभी मंगवाई गई और ताला खुलवाया गया। जैसे ही दरवाजा खोला गया, अंदर मासूम हिमांशु रोता हुआ मिला। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर स्कूल के अध्यापकों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी। यदि समय पर मां नहीं पहुंचती तो कोई बड़ी घटना घट सकती है।
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए निर्देश
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक का कहना है कि आगे कभी इस तरह की दिक्कत ना हो इसको लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह इस तरह की लापरवाही अपने-अपने इलाके के स्कूलों में न होने दे।
