
आजमगढ़। थाना गम्भीरपुर क्षेत्र में दो सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म के आरोप में वांछित एक आरोपी को आजमगढ़ पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक 5 जून को एक महिला ने थाना गम्भीरपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी दो नाबालिग पुत्रियों को गांव के ही मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम ने बहला-फुसलाकर अपने बाग में बने ट्यूबवेल कक्ष में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया तथा घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात गम्भीरपुर पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी मोटरसाइकिल से अपने घर की ओर जा रहा है।
सूचना के आधार पर जहांनिया मोड़ पर घेराबंदी की गई। पुलिस का दावा है कि सामने से आ रहे आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। इसके बाद उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद फायरिंग जारी रखने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम (45 वर्ष) निवासी बैराडीह उर्फ गम्भीरपुर थाना गम्भीरपुर के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक अवैध .315 बोर तमंचा, दो खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया है। वहीं दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के मामले में भी आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला एवं बाल अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
