
आजमगढ़। ताल सालोना को पक्षी विहार घोषित किए जाने की प्रस्तावित योजना के विरोध में शनिवार को फूलन सेना के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने ताल सालोना पंप कैनाल पर महापंचायत आयोजित कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी से मांग की कि ताल सालोना को पक्षी विहार न बनाया जाए, क्योंकि इससे क्षेत्र के हजारों निषाद परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक सप्ताह पूर्व वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ताल सालोना क्षेत्र में लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि का सीमांकन एवं निशानदेही की गई है। इसके बाद से स्थानीय निषाद समुदाय में आक्रोश व्याप्त है और लगातार विरोध की आवाज उठ रही है।
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी बातों को सुने बिना पक्षी विहार बनाने की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ाई तो वे धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।
इस दौरान रमेश निषाद, हिरालाल निषाद, सत्यदेव, साधु, सुरेंद्र, दुलारे, चंद्रदेव, रामसरन, धर्मेंद्र साहनी, चंद्रबली, सुखदेव साहनी, रामकरन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं निषाद समाज के लोग मौजूद रहे।
फूलन सेना के मंडल अध्यक्ष रमेश कुमार निषाद ने कहा कि सरकार ताल सालोना को पक्षी विहार बनाकर स्थानीय लोगों की आजीविका छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज इसका पुरजोर विरोध करेगा और हर स्तर पर संघर्ष कर इस प्रस्ताव को निरस्त कराने का प्रयास करेगा, ताकि सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी सुरक्षित रह सके।
