
अतरौलिया/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने गुरुवार को अतरौलिया क्षेत्र का दौरा कर 100 शैय्या संयुक्त जिला चिकित्सालय, भगतपुर गांव, निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी विद्यालय और अतरौलिया थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कई कमियों पर अधिकारियों को फटकार लगाई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डॉ. प्रियंका मौर्या ने सबसे पहले अमर शहीद राजा जय लाल सिंह 100 शैय्या संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा ने उनका स्वागत किया। उन्होंने ओपीडी, महिला वार्ड और मातृत्व कक्ष का निरीक्षण कर मरीजों से बातचीत की तथा दवाइयों, भोजन और उपचार की गुणवत्ता की जानकारी ली। मातृत्व वार्ड में उन्होंने नवजात शिशुओं को गोद में लेकर दुलारा और महिलाओं को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अस्पताल परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर एसडीएम बूढ़नपुर अभय राज पांडेय और क्षेत्राधिकारी विजय प्रताप गौड़ भी मौजूद रहे।
अस्पताल से लौटते समय एक मरीज की पर्ची पर बाहर की दवा लिखी देखकर डॉ. प्रियंका मौर्या नाराज हो गईं। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि मरीजों को केवल अस्पताल में उपलब्ध सरकारी दवाइयां ही लिखी जाएं। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सकों और विशेष रूप से स्त्री रोग विशेषज्ञों के रिक्त पदों पर चिंता जताते हुए शासन स्तर पर जल्द तैनाती कराने का आश्वासन दिया।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अस्पताल का आधारभूत ढांचा बेहतर है और प्रतिदिन एक हजार से डेढ़ हजार मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना और कन्या जन्मोत्सव से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद डॉ. प्रियंका मौर्या ने भगतपुर गांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने पेंशन, राशन वितरण, आयुष्मान कार्ड, खस्ताहाल सड़कों और आंगनबाड़ी केंद्र की समस्याएं उठाईं। आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे नहीं मिलने पर उन्होंने सीडीपीओ को फटकार लगाई और संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी विद्यालय का भी निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की सराहना की। हालांकि, निरीक्षण के लिए गलत स्थान पर ले जाने पर उन्होंने डीपीआरओ को कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि निरीक्षण संचालित विद्यालय का होना चाहिए था, ताकि छात्राओं और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
अंत में डॉ. प्रियंका मौर्या ने अतरौलिया थाने पहुंचकर जनसुनवाई कक्ष, अभिलेखों के रखरखाव तथा महिलाओं से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनचौपाल और निरीक्षण का उद्देश्य महिलाओं को मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें उनका लाभ दिलाना है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आई हैं, उनके संबंध में संबंधित विभागों को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
