एक लाख के इनामी कुख्यात अपराधी भानू प्रताप सिंह का अंत: हत्या, लूट, डकैती और गैंगस्टर मामलों में वांछित बदमाश अयोध्या मुठभेड़ में ढेर, आजमगढ़ पुलिस ने खोली कुंडली

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अयोध्या/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में रविवार को एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी भानू प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सिंह का अंत हो गया। अयोध्या में हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए भानू प्रताप सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक भानू प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सिंह पुत्र मानसिंह, ग्राम विधानापार थाना बेलघाट जनपद गोरखपुर का निवासी था और पूर्वांचल के कई जिलों में हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस तथा संगठित अपराधों के दर्जनों मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस अभिलेखों के अनुसार उसके विरुद्ध आजमगढ़ सहित गोरखपुर, संतकबीरनगर, मऊ, अंबेडकरनगर और बस्ती जनपदों में कुल दो दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
चर्चित हत्या कांड में था वांछित
भानू प्रताप सिंह आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित हत्या प्रकरण (मु0अ0सं0 460/2025) में मुख्य आरोपी था। पुलिस के अनुसार उसने सुपारी लेकर पिपरापुर निवासी दुधिया पृथ्वीराज यादव की हत्या की थी। इसके अलावा वह लूट, डकैती और संगठित अपराधों के कई मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था।
लगातार बढ़ता गया इनाम
उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस विभाग ने समय-समय पर इनाम की राशि बढ़ाई थी। सबसे पहले 8 अगस्त 2024 को आजमगढ़ पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में 25 मई 2026 को डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र ने इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया। अपराधों की गंभीरता को देखते हुए 2 जून 2026 को एडीजी वाराणसी जोन ने इनाम बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया था।
इसके अतिरिक्त अंबेडकरनगर पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये तथा गोरखपुर पुलिस ने 15 हजार रुपये का अलग से इनाम घोषित कर रखा था।
अयोध्या में हुई घेराबंदी, पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस के अनुसार 7 जून 2026 को एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज और अयोध्या पुलिस को भानू प्रताप सिंह की मौजूदगी की सूचना मिली। संयुक्त टीम ने उसकी घेराबंदी की। खुद को घिरता देख भानू ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में आत्मरक्षा और गिरफ्तारी के उद्देश्य से पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें वह गोली लगने से घायल हो गया।
घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आजमगढ़ में दर्ज थे कई गंभीर मुकदमे
भानू प्रताप सिंह के विरुद्ध आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर, महराजगंज, अहरौला, कप्तानगंज, अतरौलिया तथा एंटी पावर थेफ्ट थानों में हत्या, लूट, अपहरण, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट और बिजली चोरी सहित कई मुकदमे दर्ज थे।
कई जिलों में फैला था अपराध का नेटवर्क
गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, देवरिया, मऊ और अंबेडकरनगर में भी उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह वर्षों से सक्रिय अपराधी था और विभिन्न गैंगों के साथ मिलकर संगठित अपराधों को अंजाम देता रहा था।
पुलिस के लिए बड़ी सफलता
एक लाख के इनामी अपराधी के मारे जाने को पुलिस विभाग बड़ी सफलता मान रहा है। लंबे समय से फरार चल रहे इस कुख्यात बदमाश की तलाश में कई जनपदों की पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगी हुई थीं। उसकी मौत के बाद पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय अपराध नेटवर्क पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भानू प्रताप सिंह के अन्य आपराधिक नेटवर्क और सहयोगियों के संबंध में भी जांच जारी है।

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