शिकायत के आधार पर सर्प विष निवारण केन्द्र पर स्वास्थ्य विभाग का छापा, उपचार पद्धति एवं प्रयुक्त औषधियों का विवरण मांगा, दो दिन का नोटिस जारी

Uncategorized

आजमगढ़: मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा को प्राप्त शिकायत के आधार पर उनके निर्देश पर आज डिप्टी मुख्य चिकित्साधिकारी (निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान) डॉ. आलेन्द्र कुमार द्वारा शहर से सटे सिधारी ओवरब्रिज के समीप संचालित चर्चित “बंगाली डॉक्टर” के नाम से प्रसिद्ध सर्प विष निवारण केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान के संचालक से पूछताछ की गई। पूछताछ में बताया गया कि सर्पदंश (सांप काटने) के मरीजों का उपचार यहां किया जाता है तथा उपचार के एवज में मरीजों से शुल्क लिया जाता है। डिप्टी सीएमओ द्वारा जब उपचार की विधि एवं चिकित्सकीय प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी चाही गई तो संचालक ने बताया कि उपचार में आयुर्वेदिक एवं एलोपैथिक दोनों पद्धतियों का प्रयोग किया जाता है। हालांकि, उपचार की वैज्ञानिक पद्धति, प्रयुक्त औषधियों एवं उनके स्रोत के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने से उन्होंने इंकार कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेन्द्र कुमार द्वारा संबंधित संचालक को तीन दिन का नोटिस जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि वह उपचार की संपूर्ण प्रक्रिया, प्रयुक्त औषधियों का विवरण, उनकी वैधता एवं उपचार संबंधी अभिलेख मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करें।
सीएमओ डॉ. वर्मा ने बताया कि शिकायत के परीक्षण एवं निरीक्षण के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण एवं अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं अथवा उपचार संबंधी गतिविधियां नियमों के विपरीत पाई जाती हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठान को सील करते हुए नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने जनसामान्य से अपील की है कि सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों में केवल सरकारी अथवा विधिवत पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों में ही उपचार प्राप्त करें तथा किसी भी अप्रमाणित उपचार पद्धति के झांसे में न आएं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *