
आजमगढ़। नेपाल में अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान-2026 प्राप्त करने पर भोजपुरी साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय अरविंद चित्रांश का कायस्थ महासभा आजमगढ़ के पदाधिकारियों ने सम्मान समारोह आयोजित कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम का आयोजन कोलघाट स्थित डॉ. अवनीश अस्थाना के आवास पर जिला उद्यान विभाग के पूर्व अधिकारी राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुआ।
इस अवसर पर कायस्थ महासभा के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता नवीनचंद्र अस्थाना ने कहा कि नेपाल में अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होना न केवल अरविंद चित्रांश की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे पूर्वांचल, भोजपुरी भाषा और भारतीय साहित्य जगत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण प्रतिभाओं की पहचान कर समय-समय पर उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक प्रेरणा का संचार होता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता रामजी अस्थाना, भगवान स्वरूप श्रीवास्तव तथा अन्य वक्ताओं ने कहा कि आजमगढ़ और पूर्वांचल की धरती कला, साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा के लिए जानी जाती है। यहां की प्रतिभाएं देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज सदैव लेखन, प्रशासन और न्याय जैसे क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाता रहा है।
प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अशोक कुमार श्रीवास्तव ने अरविंद चित्रांश के 25 वर्षों के साहित्यिक और सांस्कृतिक संघर्षों की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. अवनीश अस्थाना ने कहा कि अरविंद चित्रांश द्वारा भोजपुरी कला-संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि उन्हें विदेश में अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ। ऐसे लोग समाज और संस्कृति के सच्चे प्रतिनिधि होते हैं।
कार्यक्रम में अवधेश श्रीवास्तव, सुधीर अस्थाना, डॉ. अशोक श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव अधिवक्ता, विकास श्रीवास्तव, राकेश अस्थाना सहित कायस्थ समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
