
आजमगढ़। शेरपुर कुटी के निकट वीरभद्रपुर (हनेवता) में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर रामकृष्ण दास जी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर है। काशी के यज्ञाचार्य पंडित कपिलदेव शर्मा के नेतृत्व में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया जा रहा है। श्रद्धालु दिन में हवन-पूजन एवं यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं, जबकि सायंकाल रामकथा का रसपान कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं।
दिल्ली से पधारे राष्ट्रीय मानस प्रवक्ता कौशल किशोर जी महाराज ने रामकथा के दौरान कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र जीवन में सुख-दुख दोनों परिस्थितियों में समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम के युवराज बनने की तैयारी पूरी हो चुकी थी, तभी मंथरा ने कैकेयी के मन में कुमति का बीज बो दिया, जिसके परिणामस्वरूप श्रीराम को वनवास जाना पड़ा। किंतु इस समाचार को सुनकर भी श्रीराम तनिक विचलित नहीं हुए, बल्कि प्रसन्नतापूर्वक पिता की आज्ञा का पालन किया। यही उनके आदर्श चरित्र की महानता है।
कथावाचक ने वनवास प्रसंग का भावपूर्ण और संगीतमय वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा के दौरान भक्तजन जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय बनाते रहे।
कार्यक्रम का संचालन शंभूदास ने किया। मुख्य यजमान रमाकांत यादव ने मानस पूजन किया। इस अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार पंडित सुभाष चंद्र तिवारी ‘कुंदन’, ग्राम प्रधान विपिन यादव उर्फ कंचन यादव, रणधीर सिंह, सुधीर दास जी महाराज, नवल किशोर द्विवेदी, सुभाष शास्त्री, अजय पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
