
आजमगढ़। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के तहत मेंहनगर ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंदहा, ठेकमा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोमाडीह तथा मोहम्मदपुर ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलंदरपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति, मरीजों के पंजीकरण, दवा उपलब्धता और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया।
सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी 76 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 79 चिकित्सकों और 270 पैरामेडिकल स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवाएं दीं। मेले में कुल 1,952 मरीजों का पंजीकरण कर उनका उपचार किया गया, जिनमें 848 पुरुष, 866 महिलाएं और 238 बच्चे शामिल रहे। साथ ही पात्र लाभार्थियों के 53 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंदहा में डॉ. वर्मा ने मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं और निःशुल्क दवाओं के संबंध में फीडबैक लिया तथा चिकित्सकों को प्रत्येक मरीज की समुचित जांच और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गैर संचारी रोगों से पीड़ित मरीजों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोमाडीह के निरीक्षण में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों को तत्काल व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। चिकित्सकों की कमी को भी गंभीरता से लेते हुए आवश्यक व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलंदरपुर की व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर सीएमओ ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर रखने के निर्देश दिए।
जनपदीय रिपोर्ट के अनुसार मेले में 316 गैस्ट्रो, 311 मधुमेह, 273 त्वचा रोग, 138 श्वसन रोग, 108 उच्च रक्तचाप, 31 एनीमिया और 29 लीवर रोग के मरीजों का उपचार किया गया। नौ संभावित टीबी मरीजों की पहचान की गई, 118 कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया तथा 101 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की गई। सात गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं, दवा उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेगा।
