
आजमगढ़। अहरौला थाना पुलिस ने गोवध एवं गौ-तस्करी से जुड़े संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार अहरौला थाना क्षेत्र के सोफीगढ़ गांव निवासी इरफान और उसके सहयोगियों राशिद उर्फ रसीद, सुबहान उर्फ सुभान, सुफियान उर्फ सोफियान, मुख्तार, मोहम्मद इमरान उर्फ इबरान, सेराज तथा मोहम्मद वफा द्वारा एक संगठित गिरोह बनाकर गोवध एवं गौ-तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक लाभ अर्जित किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि 22 अक्टूबर 2024 को अहरौला पुलिस ने एक पिकअप वाहन से छह गौवंशों को क्रूरतापूर्वक लादकर बिहार ले जाकर बेचने की योजना का खुलासा किया था। इस मामले में गोवध निवारण अधिनियम एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
गिरोह की संगठित आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत गैंगचार्ट तैयार कर अनुमोदन प्राप्त किया और 20 जून 2026 को गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया।
इसी क्रम में रविवार को पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित मोहम्मद इमरान उर्फ इबरान पुत्र मंजूर निवासी सोफीगढ़, थाना अहरौला को बेन्दुई नहर पुलिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की उम्र लगभग 43 वर्ष बताई गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के अलावा गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा अन्य आपराधिक धाराओं में भी मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तारी की कार्रवाई उपनिरीक्षक विजयी, मुख्य आरक्षी हरिश्चन्द्र भास्कर एवं आरक्षी राजेश कुमार यादव की टीम द्वारा की गई।
