
आजमगढ़। शहर के मुकेरीगंज स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक पर अपने कर्मचारी और उसके परिजनों के साथ मारपीट तथा बंधक बनाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं घटना के बाद से कर्मचारी की मां के लापता होने का दावा किया जा रहा है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के दलसिंगार निवासी नीतू चौधरी और सपना चौधरी ने आरोप लगाया कि उनका भाई संतोष चौधरी एक निजी अस्पताल में कर्मचारी के रूप में कार्य करता है। किसी विवाद के चलते सोमवार को वह काम पर नहीं गया था। आरोप है कि अस्पताल संचालक ने कर्मचारियों को भेजकर उसे जबरन अस्पताल बुलवाया और वहां उसकी पिटाई की गई।
पीड़ित बहनों का कहना है कि देर रात उनकी मां मंजू चौधरी को भी अस्पताल बुलाया गया, जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। परिवार का आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल फोन और मंगलसूत्र भी छीन लिया गया। इसके बाद से मंजू चौधरी का कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया और वीडियो बनाने पर उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए। परिवार का दावा है कि संतोष चौधरी को छोड़ने के बदले उनकी कार, स्कूटी और मोबाइल फोन भी अस्पताल संचालक के कब्जे में ले लिए गए।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे एक पुलिसकर्मी ने भी उनकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उनके भाई के साथ मारपीट की।
मंगलवार को पीड़ित बहनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई, अपने भाई की सुरक्षा, कथित रूप से कब्जे में लिए गए सामान की वापसी तथा लापता मां की सकुशल बरामदगी की मांग की।
हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका था। मामले की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
