
आजमगढ़। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित आनंद हॉस्पिटल को लेकर संचालक और अस्पताल के पूर्व कर्मचारी के बीच विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दलसिंगार मोहल्ला निवासी संतोष चौधरी की तहरीर पर पुलिस ने आनंद हॉस्पिटल के संचालक डॉ. आनंद सिंह और उनके एक कर्मचारी के खिलाफ मारपीट, धमकी तथा एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। संतोष का आरोप है कि वह अस्पताल में दवाओं के ऑर्डर का काम करते थे और पैसों के लेन-देन व हिस्सेदारी को लेकर हुए विवाद के दौरान डॉ. आनंद सिंह और उनके कर्मचारी ने उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे जबरन कागजात पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार घटना 22 जून को अस्पताल परिसर में हुई थी, जिसमें उन्हें चोटें भी आई थीं।
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने डॉ. आनंद सिंह और एक कर्मचारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3) तथा एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक शुभम तोदी को सौंपी है।
वहीं दूसरी ओर, आनंद हॉस्पिटल के संचालक डॉ. आनंद सिंह ने भी अपने पूर्व कर्मचारी संतोष कुमार चौधरी उर्फ संतोष कुमार, उसकी मां मंजू देवी और बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। डॉ. सिंह का आरोप है कि संतोष को अस्पताल में दवा खरीद, स्टोर प्रबंधन, सप्लाई प्लेसमेंट और मेडिकल स्टोर संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच में फर्जी और अनावश्यक दवा खरीद, रिटेल बिक्री से धन के गबन, मरीजों के नाम पर फर्जी रिफंड क्लेम तथा कथित रूप से अपनी मां से जुड़ी फर्म के माध्यम से संदिग्ध सप्लाई दिखाकर अस्पताल को करीब 12 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से अपनी गलती स्वीकार की थी। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि नुकसान की भरपाई के आश्वासन के तहत एक टाटा टियागो कार और होंडा एक्टिवा उनके पास रखवाई गई थी तथा आरोपी की मां ने भूमि का हिस्सा हस्तांतरित करने की सहमति भी दी थी। डॉ. सिंह के अनुसार 22 जून की रात आरोपी की मां और दो बहनें अस्पताल पहुंचीं और हंगामा करने लगीं, जिसके बाद पुलिस सहायता लेनी पड़ी।
पुलिस ने डॉ. आनंद सिंह की तहरीर पर संतोष चौधरी, उसकी मां और बहन के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2), 318(4) और 292 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच निरीक्षक मेहरे आलम को सौंपी है।
अब दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमों की जांच पुलिस कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना में जो तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
