
आजमगढ़। जनपद के विकास खंड बिलरियागंज स्थित ग्राम पंचायत देवई रसूलपुर की उचित दर विक्रेता सरिता देवी के खिलाफ राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में 10.11 कुंतल खाद्यान्न की कथित कालाबाजारी और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत थाना कंधरापुर में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार शर्मा की जांच में विक्रेता द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया। जांच के दौरान पेश किए गए कई शपथपत्र और सादे कागज पर लिखे गए बयान फर्जी पाए गए। कई राशन कार्डधारकों ने अपने नाम से लगाए गए हस्ताक्षरों और बयानों से साफ इनकार कर दिया। वहीं अधिकांश आरोपों के संबंध में विक्रेता कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए आवंटित आईसीडीएस एवं हॉट कुक्ड मील योजना का 10.11 कुंतल खाद्यान्न संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित नहीं किया गया। तीनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लिखित बयान देकर आरोप लगाया कि कई बार मांगने के बावजूद उन्हें खाद्यान्न नहीं मिला और विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
रिपोर्ट में विक्रेता पर शासन की पोषण योजना के खाद्यान्न की कालाबाजारी, फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने, अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गंभीर अनियमितताएं बरतने के आरोप सिद्ध बताए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व में जब्त की गई प्रतिभूति राशि की प्रतिपूर्ति किए बिना ही राशन का उठान और वितरण किया जा रहा था।
पूर्ति विभाग ने जांच रिपोर्ट एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर थाना कंधरापुर को तहरीर भेजते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
