
आजमगढ़। रानी की सराय कस्बे के निजामाबाद मोड़ स्थित रामलीला मैदान के पास गुरुवार देर रात एक जर्जर मकान की छत भरभराकर गिर गई। हादसे में मलबे में दबने से 20 वर्षीय छात्र सौरभ साव की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य समय रहते बाहर निकल आए और उनकी जान बच गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, बिहार के बेगूसराय जनपद के तेघड़ा थाना क्षेत्र के लेधरा गांव निवासी सत्यनारायण साव परिवार सहित रानी की सराय में किराये के मकान में रहते हैं। गुरुवार रात मकान की तीसरी मंजिल की छत अचानक दूसरी मंजिल पर आ गिरी। तेज आवाज सुनकर परिवार के सदस्य बाहर निकल गए, लेकिन सबसे छोटा बेटा सौरभ साव कमरे में चारपाई पर मोबाइल चला रहा था और बाहर नहीं निकल सका। कुछ ही देर बाद दूसरी मंजिल की छत भी ढह गई, जिससे वह मलबे में दब गया।
स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद सौरभ को मलबे से बाहर निकाला और एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। आरोप है कि वहां रात में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने बताया कि सौरभ ने हाईस्कूल पास किया था और गुरुवार को ही आईटीआई में प्रवेश के लिए आवेदन पत्र लेकर आया था। वह एक बाइक मैकेनिक की दुकान पर काम करके परिवार की मदद भी करता था। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण घायल छात्र को तत्काल उपचार नहीं मिल सका। वहीं पुलिस कार्रवाई में भी देरी का आरोप लगाया गया।
बताया गया कि सूचना के बाद पहले डायल-112 टीम पहुंची, जिसने संबंधित थाना क्षेत्र की टीम को जानकारी दी। देर रात पुलिस कर्मियों ने पंचनामा की कार्रवाई शुरू की और करीब एक बजे उपनिरीक्षक के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतक के पिता सत्यनारायण साव ने मामले में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
