
आजमगढ़। लालगंज तहसील स्थित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय परिसर में शुक्रवार को जमीन विवाद की सुनवाई के बाद दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। न्यायालय कक्ष से बाहर निकलते ही शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसका कुर्ता भी फाड़ दिया गया। घटना से न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चिरकीहित गांव निवासी कंचन पाठक ने करीब एक वर्ष पूर्व उर्मिला पत्नी रामअवध से लगभग 21 बिस्वा भूमि की रजिस्ट्री कराई थी। इसी जमीन को लेकर रामवृक्ष पुत्र संता प्रसाद और रामाश्रय राय पुत्र शांता प्रसाद राय की ओर से न्यायालय से स्थगन (स्टे) आदेश लिया गया है।
शुक्रवार को दोनों पक्ष उपजिलाधिकारी न्यायालय में पेश हुए। सुनवाई के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक स्थगन आदेश प्रभावी है, तब तक संबंधित भूमि पर कोई भी पक्ष कोई कार्य नहीं करेगा।
आरोप है कि सुनवाई समाप्त होने के बाद न्यायालय कक्ष से बाहर निकलते ही दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। घटना की सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट नागेंद्र सिंह, एडवोकेट विंध्यवासिनी राय, एडवोकेट हमीद अली सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंच गए। इससे कुछ देर के लिए न्यायालय परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना पर चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कंचन पाठक, उनके पति संजय पाठक समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए कोतवाली भेज दिया।
क्षेत्राधिकारी भूपेश कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
