आजमगढ़ पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, दिवंगत सपा विधायक आलमबदी आज़मी को दी श्रद्धांजलि; बोले— विधायिका की गरिमा का सम्मान करना सबकी जिम्मेदारी

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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना शनिवार को आजमगढ़ पहुंचे और दिवंगत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलमबदी आज़मी के आवास पर पहुंचकर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत विधायक से जुड़ी कई पुरानी यादें भी साझा कीं।
सतीश महाना ने कहा कि आलमबदी आज़मी विधानसभा के बेहद अनुभवी और सम्मानित सदस्यों में शामिल थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 से लगातार विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले आलमबदी आज़मी केवल एक बार चुनाव हारने के कारण सदन नहीं पहुंच सके, अन्यथा लगभग तीन दशकों तक उन्होंने जनता का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि आलमबदी आज़मी अपने समय के शिक्षित और गंभीर जनप्रतिनिधियों में गिने जाते थे तथा सदन में उनका व्यवहार हमेशा सकारात्मक और मर्यादित रहा।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आलमबदी आज़मी के निधन की सूचना उन्हें रात में मिली थी और उनकी इच्छा अगले ही दिन आजमगढ़ आने की थी, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से वह तत्काल नहीं आ सके। हालांकि इस दौरान उन्होंने सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव और दिवंगत विधायक के पुत्र से फोन पर बातचीत कर शोक संवेदना व्यक्त की थी।
इंजीनियरों के समूह में सबसे पहले याद आए आलमबदी आज़मी
सतीश महाना ने एक पुराना प्रसंग साझा करते हुए बताया कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने विभिन्न पेशों के विधायकों के अलग-अलग समूह बनाए थे। जब उन्होंने इंजीनियर विधायकों का समूह बनाया तो उसमें आलमबदी आज़मी का नाम भी शामिल किया। इस पर आलमबदी आज़मी ने मुस्कुराते हुए कहा था कि “मैं तो भूल ही गया था कि मैंने इंजीनियरिंग की है, आपने मुझे फिर से याद दिला दिया।” महाना ने कहा कि आलमबदी आज़मी बेहद विनम्र, सरल और सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति थे और उनके प्रति हमेशा सम्मान का भाव रखते थे।
‘कैसे जिया, यही सबसे महत्वपूर्ण’
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आलमबदी आज़मी कभी किसी विवाद का हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए विधायिका की गरिमा और उसकी मर्यादा का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि और नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा, “मनुष्य का शरीर मिट्टी का है। यह महत्वपूर्ण नहीं कि कोई कितने वर्ष जिया, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि उसने अपना जीवन किस तरह जिया और समाज के लिए क्या योगदान दिया।”
विधानसभा अध्यक्ष के आजमगढ़ पहुंचने की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक नफीस अहमद तथा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौके पर पहुंच गए और दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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