
आजमगढ़। अनुसूचित जाति की युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी कोर्ट) विजय कुमार वर्मा की अदालत ने आरोपी राहुल शर्मा को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया।
अभियोजन के अनुसार, देवगांव थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता 7 जून 2022 को ब्यूटी पार्लर गई थी। वहीं से सोफीपुर निवासी राहुल शर्मा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोपी पहले पीड़िता को दिल्ली और फिर मुंबई ले गया, जहां करीब एक महीने तक शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक आलोक त्रिपाठी ने अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों के बयान कराए। सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश भी पारित किया।
