
आजमगढ़। जिले में बेरोजगार युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर कथित फर्जी भर्ती और धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। सहायक निदेशक सेवायोजन श्री राममूर्ति की तहरीर पर सिधारी थाने में एक निजी इंटरनेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। �
एफआईआर के अनुसार, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोजगार संगम पोर्टल संचालित किया जा रहा है। इसी पोर्टल के माध्यम से विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी विकसित की गई है। विभाग द्वारा अधिकृत प्रक्रिया के तहत चयन किया जाना था, लेकिन आरोप है कि एक निजी इंटरनेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी ने विभागीय पोर्टल का उपयोग किए बिना अलग से भर्ती एवं साक्षात्कार आयोजित कर बेरोजगार युवाओं को गुमराह करने और उनके साथ धोखाधड़ी का प्रयास किया। �
तहरीर में बताया गया है कि 3 अगस्त 2026 को सिधारी क्षेत्र के जयरामपुर स्थित एक तकनीकी संस्थान परिसर में, स्टील फैक्ट्री के पास, इजराइल में श्रमिकों की भर्ती के नाम पर इंटरव्यू आयोजित किया गया। आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया विभागीय नियमों और रोजगार संगम पोर्टल की अधिकृत चयन प्रणाली से अलग थी। इससे बड़ी संख्या में नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी की आशंका उत्पन्न हुई। �
शिकायत में कहा गया है कि विदेश रोजगार से जुड़ी भर्ती केवल अधिकृत प्रक्रिया के तहत ही की जानी चाहिए, जबकि संबंधित एजेंसी ने नियमों को दरकिनार कर युवाओं को सीधे भर्ती के लिए बुलाया। इस संबंध में सहायक निदेशक सेवायोजन ने कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। �
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक मृत्युंजय सिंह को सौंपी है। जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया, एजेंसी की वैधता, युवाओं से किए गए वादों तथा किसी प्रकार की आर्थिक लेनदेन की भी जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित एजेंसी और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
