
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के राज्य आयुक्त दिव्यांगजन हिमांशु शेखर झा ने गुरुवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित मोबाइल कोर्ट में 103 दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत मिलने वाले अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों तक पहुंचाना तथा शिकायतों का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना था।
मोबाइल कोर्ट में दिव्यांगता प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग पेंशन और कृत्रिम अंग व सहायक उपकरणों से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। राज्य आयुक्त ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देते हुए दिव्यांगजनों के अधिकारों और उन्हें मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को लंबित दिव्यांगता प्रमाण पत्रों के निस्तारण के लिए विशेष शिविर लगाने तथा पात्र आवेदकों को एक माह के भीतर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर शिकायतों का समाधान करने और तहसील दिवस पर दिव्यांगजनों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने के निर्देश दिए।
मोबाइल कोर्ट में कुल 103 लोगों का पंजीकरण हुआ। दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए 16 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 4 प्रमाण पत्र मौके पर जारी किए गए, जबकि 2 मामलों को सीआरसी गोरखपुर भेजा गया। जिला पूर्ति विभाग ने 10 राशन कार्ड जारी किए और आवास व शौचालय संबंधी मामलों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान कई दिव्यांगजनों ने ट्राईसाइकिल और व्हीलचेयर न मिलने की शिकायत की, जिस पर राज्य आयुक्त ने पात्र लाभार्थियों को शीघ्र सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव ने विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र व्यक्तियों को प्रत्येक तीन माह पर दिव्यांग पेंशन का लाभ दिया जाता है।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, एलडीएम, संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक जिला विद्यालय निरीक्षक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अधिकारी तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
