UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का एक और आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल बरामद, परीक्षार्थी समेत अबतक 3 की हो चुकी गिरफ्तारी

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आजमगढ़। UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने की साजिश के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सैमसंग मोबाइल फोन बरामद किया है। इस मामले में परीक्षा केंद्र से अभ्यर्थी समेत दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
मामला 9 अगस्त 2026 का है। आजमगढ़ के शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज में UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा आयोजित हो रही थी। परीक्षा के दौरान ब्लॉक-ए के एक कक्ष में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी आलोक पटेल की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर कक्ष निरीक्षकों ने उसकी तलाशी ली। तलाशी में उसके कान के अंदर से एक हियरिंग डिवाइस और अंडरवियर के अंदर से ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुआ। डिवाइस में सिम कार्ड और दो सेल बैटरी भी लगी थी।
पूछताछ में सामने आया कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए परीक्षा के दौरान बाहर से प्रश्नों के उत्तर बताकर अभ्यर्थी को नकल कराने की योजना थी। मामले में कोतवाली थाने में मु0अ0सं0 414/2026 के तहत बीएनएस की धाराओं 319(2), 318(4), 61(2), उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश-2024 और आईटी एक्ट की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस इससे पहले अभ्यर्थी आलोक पटेल और विरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
जांच के दौरान पुलिस को कुश पटेल (27) की भूमिका का पता चला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार मिश्रा ने कोबरा सिविल लाइन के रिजर्व कांस्टेबल अवधेश सिंह और उत्सव प्रताप सिंह के साथ मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को नरौली तिराहा बंधा मोड़ के पास से कुश पटेल को करीब 13:20 बजे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक सैमसंग मोबाइल फोन बरामद हुआ।
छह लाख रुपये में नकल कराने की थी योजना
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि परीक्षा से एक दिन पहले विरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू ने उससे अभ्यर्थी के माध्यम से परीक्षा में काम कराने को लेकर बात की थी। इसके बाद वह अन्य साथियों के साथ अरविंद राय के संपर्क में आया। वहां हियरिंग और ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से अभ्यास कराया गया और परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से अभ्यर्थी को प्रश्नों के उत्तर बताने की योजना बनाई गई।
पुलिस के मुताबिक, इसके लिए अभ्यर्थी से छह लाख रुपये लेने की बात तय हुई थी। परीक्षा के दिन आरोपी अपने साथियों के साथ अभ्यर्थी आलोक पटेल को वाराणसी से आजमगढ़ लेकर आया था। आलोक परीक्षा केंद्र के अंदर चला गया, जबकि अन्य लोग केंद्र के बाहर उसके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे।
एक अभ्यर्थी के पकड़े जाने और पुलिस की गतिविधियां बढ़ने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी और उसके साथी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

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