
आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार के बाद गुरुवार को डिघिया और बदरहुआ गेज पर नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों में चिंता का माहौल है, जबकि प्रशासन और बाढ़ खंड के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बताया जा रहा है कि दो-तीन दिन पूर्व घाघरा नदी में पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। हालांकि पानी बढ़ने से फिलहाल तटवर्ती इलाकों में कटान की स्थिति में कुछ कमी आई है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। दूसरी ओर नदी का पानी अब संपर्क मार्गों की ओर बढ़ने लगा है, जिससे आवागमन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
शाहडीह, सौनौरा और अभ्भनपट्टी समेत कुछ संपर्क मार्गों पर नदी का पानी चढ़ना शुरू हो गया है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो कई अन्य संपर्क मार्ग भी जलमग्न हो सकते हैं।
घाघरा के बढ़ते जलस्तर से सहबदिया, महुला, चक्की, देवरा खास राजा के 28 पुरवे, शाहडीह, सौनौरा, बांका, बूढ़नपट्टी और अजगरा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी और बढ़ा तो गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग डूब सकते हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
डिघिया गेज पर 82 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा पानी
डिघिया गेज पर घाघरा नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर निर्धारित है। गुरुवार को यहां जलस्तर 71.22 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से करीब 82 सेंटीमीटर ऊपर है।
वहीं बदरहुआ गेज पर खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। गुरुवार को यहां नदी का जलस्तर 71.92 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर है।
जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और बाढ़ खंड की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं।
