
आजमगढ़। राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने रविवार को अपना स्थापना दिवस जनसेवा और जनसंघर्ष को समर्पित करते हुए मनाया। इस अवसर पर रशाद नगर में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम लोगों ने भी रक्तदान किया। शिविर का उद्घाटन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने किया।
मौलाना आमिर रशादी ने कहा कि राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल की स्थापना मानवसेवा और जनसेवा के उद्देश्य से हुई है। इसी उद्देश्य के तहत देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थापना दिवस पर जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से रक्तदान, पर्यावरण जागरूकता, गरीबों में वस्त्र वितरण, मरीजों में फल वितरण, बाढ़ पीड़ितों की सहायता, मेडिकल कैंप तथा विभिन्न सामाजिक और जागरूकता अभियानों में भाग लिया जा रहा है।
राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए रशादी ने आरोप लगाया कि मुसलमानों को राजनीतिक रूप से हाशिये पर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों ही राजनीतिक लाभ के लिए मुस्लिम समाज का इस्तेमाल करते हैं। उनके अनुसार मुसलमानों की राजनीतिक भागीदारी के साथ-साथ उनकी सामाजिक पहचान से जुड़े मुद्दे भी गंभीर हैं, लेकिन कांग्रेस, सपा और अन्य सेकुलर दल इन मुद्दों पर अपेक्षित रूप से आवाज नहीं उठा रहे हैं।
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को अपना वोट बैंक बताने वाली सपा ने उन्हें राजनीतिक भागीदारी नहीं दी। रशादी ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल मजबूती से हिस्सा लेगी और मुस्लिम समाज को अपने अधिकार एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का कुशासन समाप्त होना चाहिए, लेकिन इसके लिए मुसलमानों को केवल वोट बैंक बनाकर रखने की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी।
समाजवादी पार्टी के हालिया राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन पर भी रशादी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा का यह कैसा समाजवाद है, जिसमें मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आजम खान के परिवार से किसी को राज्यसभा नहीं भेजा जा सकता था, किसी पसमांदा मुस्लिम को प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा सकता था या पार्टी का समर्थन करने वाले मुस्लिम नेतृत्व से किसी को अवसर नहीं दिया जा सकता था।
रशादी ने पिता के भाजपा से राज्यसभा सदस्य और बेटे के सपा से राज्यसभा सदस्य बनने को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे राजनीतिक रिश्तों के बीच मुस्लिम समाज के प्रतिनिधित्व की अनदेखी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जो दल खुद को भाजपा की वैकल्पिक राजनीति बताते हैं, उन्हें मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी के सवाल पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, महासचिव तल्हा रशादी, यूथ विंग प्रदेश अध्यक्ष नुरुल हुदा, जिलाध्यक्ष मोतीउल्लाह शेख, अबसार शेख, आसिफ कुरैशी, मेराज खान, मनीराम गौतम, जैश अंसारी, इनामुल्लाह शेख, घनश्याम कन्नौजिया, अजीम, शहाब आलम, मो. फैसल, खालिद फलाही, मास्टर तारिक समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
