
आजमगढ़। सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर कोलपांडेय में शनिवार को शिक्षक दिवस हर्षोल्लास और भव्य समारोह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी।
मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि पं. सुभाष चंद्र तिवारी ‘कुन्दन’ ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु ही विद्यार्थियों को सही और गलत का भेद समझाते हैं तथा उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के चरित्र निर्माण में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारते हैं और उन्हें समाज का योग्य नागरिक बनाने में योगदान देते हैं।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शीला सिंह ने अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा पांडेय ने किया।
इस अवसर पर आरएसएस के नगर प्रचार प्रमुख गिरीश सेठ, श्वेता श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव, पूजा गुप्ता, राम अवतार, अंतिमा यादव, ज्योति सोनकर, सुधीर श्रीवास्तव, आलोक सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
