

आजमगढ़। जीडी ग्लोबल विद्यालय में शनिवार को शिक्षक दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान की भावना के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। पूरे विद्यालय परिसर में गुरु-शिष्य परंपरा, सम्मान और संस्कार की भावपूर्ण झलक देखने को मिली।
विद्यालय की निदेशिका श्रीमती स्वाति अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि माता-पिता ही हमारी जीवन यात्रा के प्रथम गुरु होते हैं। उन्होंने बच्चों को अपने माता-पिता और शिक्षकों का सदैव सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करना नहीं, बल्कि उन्हें संस्कारवान, जिम्मेदार और देश के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है।
विद्यालय के प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें राष्ट्र-निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को सही दिशा देकर उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं। शिक्षक के ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों से ही सशक्त समाज और श्रेष्ठ राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यकारी निदेशक शिरीष अग्रवाल ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने के साथ-साथ उन्हें देश की सेवा और समाज के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के समर्पण के बिना विद्यालय की शैक्षिक यात्रा अधूरी है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती दीपाली भुस्कुटे ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक होना केवल एक पद नहीं, बल्कि महान दायित्व है। शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य को गढ़ने का कार्य करते हैं। उनके समर्पण, धैर्य और निरंतर प्रयासों से विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। शिक्षक दिवस का आयोजन गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और भारतीय संस्कृति की गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत करने वाला रहा।
