
आजमगढ़। बिलरियागंज थाना पुलिस ने वर्ष 2019 से अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रही अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को उसके घर के बाहर से उसे दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्ता की पहचान पांती खुर्द गांव निवासी सरोज देवी पत्नी चन्द्रिका (35) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, नौ अप्रैल 2019 को बिलरियागंज थाना क्षेत्र में एक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और घटना में सहयोग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में धारा 363, 366, 506, 120-बी भादवि और 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत मु0अ0सं0 50/2019 पंजीकृत हुआ था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने किशोरी को चार जनवरी 2020 को बरामद कर लिया था। इस मामले के मुख्य अभियुक्त सुनील को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं विवेचना के दौरान सरोज देवी का नाम सामने आने के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रविवार को उपनिरीक्षक प्यारे राम ने पुलिस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर सरोज देवी को उसके घर के बाहर से करीब 11:30 बजे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अभियुक्ता ने अपना बयान अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में देने की बात कही। उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक प्यारे राम, कांस्टेबल छट्ठू साहनी, कांस्टेबल संतू साहू और महिला कांस्टेबल कोमल शामिल रहीं।
