मस्जिद गिराने और गोंडा हत्याकांड के विरोध में वामपंथियों का प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपा चार सूत्रीय ज्ञापन

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आजमगढ़। सहारनपुर में सैकड़ों वर्ष पुरानी मस्जिद गिराए जाने और गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड के विरोध में मंगलवार को वामपंथी संगठनों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। संयुक्त आह्वान पर जुटे कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कानून का राज स्थापित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के मामले में जिम्मेदार मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई करने और बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के कथित फर्जी एनकाउंटर पर रोक लगाने तथा गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश में कानून के राज के बजाय भय का माहौल बनाया जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बुलडोजर कार्रवाई और फर्जी एनकाउंटर के नाम पर गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत प्रदेश के कई हिस्सों में अल्पसंख्यकों के घरों और इबादतगाहों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। गरीबों के मकानों को भी ध्वस्त किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि नफरत के आधार पर सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने की राजनीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वामपंथी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। कानून का राज बहाल करने और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय, भाकपा (माले) के जिला प्रभारी विनोद सिंह, किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज बेग और माकपा के हरि ओम ने संबोधित किया। इस दौरान अशोक राय, बशीर अहमद, त्रिलोकी यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर कार्रवाई की मांग की।

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