








आजमगढ़ (आशीष निषाद) जिले के अतरौलिया क्षेत्र के वेमुडीह,किशुनदेव पट्टी गांव निवासी पल्लवी सिंह पुत्री सुरेश सिंह (गब्बर) अपने पहले प्रयास में ही 2024 की यूपीपीसीएस परीक्षा में 172 वा रैंक लाकर नायब तहसीलदार पद पर चयन होने से परिवार तथा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गयी । पल्लवी सिंह चार बहनों तथा एक भाइयों में दूसरे नंबर की शुरू से ही पढ़ाई लिखाई के प्रति बहुत जिम्मेदार रही है। प्राथमिक शिक्षा गांव के अंबेडकर प्राइमरी स्कूल’; हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की पढ़ाई सर्वोदय पब्लिक स्कूल आजमगढ़ तथा बीएससी की पढ़ाई बी एच यू से उत्तीर्ण किया । 3 साल से लखनऊ में रहकर सिविल सेवा की तैयारी कर रही थी और अपने पहले ही प्रयास में सफलता अर्जित की। 2025 यूपीपीसीएस की परीक्षा मेन्स परीक्षा का साक्षात्कार भी पल्लवी का चल रहा है। पल्लवी सिंह के पिता सुरेश सिंह एक किसान है । पल्लवी सिंह के घर बड़ी संख्या लोग बधाई देने पहुंचे , बधाई देने वालों में रमाकांत सिंह, बृज किशोर सिंह, संतोष यादव ,मनोज यादव ,रवि सिंह, राहुल सिंह ,जोखू सिंह, जयप्रकाश सिंह रहे। पल्लवी के इस सफलता से परिवार भी काफी खुश नजर आया उन्होंने अपने इस सफलता का श्रेय दादा स्व0 जनार्दन सिंह, माता सीमा पिता सुरेश तथा अपने गुरुजनों को दिया। पल्लवी के पिता सुरेश सिंह ने बताया कि बेटी के पीसीएस परीक्षा में उत्तीर्ण होने की सूचना मिली हमारा पूरा परिवार काफी खुश हुआ।
मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम बेलवाना की मोनल गौतम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 167वीं रैंक प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। आजमगढ़ जिले की दीवानी न्यायालय में तैनात एसीजेएम की छोटी बहन असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी बनीं। लगातार सातवें इंटरव्यू में उन्हें सफलता मिली। उर्वशी चंद लखनऊ में रहकर तैयारी कीं।
बता दें कि मोनल गौतम, पुत्री कल्पनाथ गौतम, ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के क्षेत्रों से पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख किया। उन्होंने दिल्ली और प्रयागराज में रहकर कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहीं।
उनकी सफलता के पीछे उनके परिवार का विशेष योगदान रहा है। खासकर उनके जीजा दीदी व भैया,भाभी तथा पूरे परिवार ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, परिवार और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने मिठाइयां बांटकर और एक-दूसरे को बधाइयां देकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
ग्रामीणों का कहना है कि मोनल शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी और लक्ष्य के प्रति समर्पित थीं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। यह साबित करता है कि यदि मेहनत सच्ची हो और इरादे मजबूत हों, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
मोनल गौतम की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों और शिक्षकों ने भी उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी को उम्मीद है कि वह आगे चलकर एक कुशल और संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करेंगी !
आजमगढ़ जिले के दीवानी न्यायालय में कार्यरत एसीजेएम रश्मि चंद की छोटी बहन उर्वशी चंद का चयन पीसीएस परीक्षा में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी पद पर हुआ है। उनकी सफलता से परिवार और जिले में खुशी का माहौल है। उर्वशी चंद के पिता राजेंद्र चंद जिला जज पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और आजमगढ़ में मुंसिफ हवेली भी रह चुके हैं।
जनपद के अखिल ने UPPSC में पाई 55वीं रैंक! बनेंगे GST असिस्टेंट कमिश्नर! जिले में खुशी की लहर दौड़ी!!
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) 2024 के परिणाम में जहानागंज ब्लॉक के धर्मपुर गांव के रहने वाले अखिल पांडेय पुत्र शैलेन्द्र पांडेय ने अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल किया है। अखिल को असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स/GST) के प्रतिष्ठित पद के लिए चुना गया है। उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर GST की लिस्ट में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान (रैंक 1) हासिल किया है, जबकि मुख्य मेरिट लिस्ट में उनकी 55वीं रैंक है!!

मूल रूप से गोरखपुर जनपद के गोलाबाजार तहसील के नेवासा गांव के निवासी राजेंद्र चंद जब आजमगढ़ में तैनात थे, उसी दौरान उर्वशी चंद का जन्म हुआ था। उर्वशी की प्रारंभिक शिक्षा जौनपुर और बाराबंकी में हुई। इसके बाद उन्होंने लखनऊ से इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक किया।
