






आजमगढ़। चेक बाउंस के एक मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने आरोपी को एक वर्ष के कारावास तथा 10 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने निर्देश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित को अदा की जाए।
यह फैसला अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कोर्ट नंबर-11) अंकित वर्मा ने गुरुवार को सुनाया।
मामले के अनुसार, सिधारी थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी सूबेदार यादव ने अपने अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। आरोप था कि भगतपुर थाना बिलरियागंज निवासी कंचन प्रजापति, पत्नी संतोष प्रजापति ने उनसे सात लाख रुपये उधार लिए थे।
कर्ज की राशि वापस मांगने पर आरोपी कंचन प्रजापति ने 7 अक्टूबर 2022 को सात लाख रुपये का चेक दिया। जब सूबेदार यादव ने उक्त चेक को अपने बैंक खाते में जमा किया, तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
इसके बाद पीड़ित ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को नोटिस भेजकर भुगतान की मांग की, लेकिन आरोपी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। अंततः पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली और मुकदमा दर्ज कराया।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने आरोपी कंचन प्रजापति को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास और 10 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की संपूर्ण राशि पीड़ित को दी जाए।
