






आजमगढ़। समाजवादी पार्टी कार्यालय पर शनिवार को महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक धर्मेंद्र यादव सांसद ने कहा कि महात्मा फुले का जीवन समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने जाति और लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई तथा महिलाओं की शिक्षा और समानता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने “सत्यशोधक समाज” की स्थापना कर सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी।
उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों के विचारों से प्रेरित होकर भीमराव अंबेडकर ने दलितों और पिछड़ों को संविधान में अधिकार दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को कमजोर कर सामंतवादी व्यवस्था स्थापित करना चाहती है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को संगठित कर 2027 में भाजपा सरकार को हटाने और सामाजिक न्याय की स्थापना का संकल्प लिया गया।
समाजवादी विचारक जी.एस. प्रियदर्शी ने कहा कि महात्मा फुले ने मनुवादी व्यवस्था को चुनौती देते हुए अंधविश्वास के खिलाफ जनजागरण किया और महिलाओं के लिए विद्यालय खोलकर नई दिशा दी। उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा और स्त्री उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गोष्ठी में पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, विधायक पूजा सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव सहित कई नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने की, जबकि संचालन सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
