जमीन और पैसों के विवाद में दोस्त ही निकला कातिल, आजमगढ़ पुलिस ने सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा, मुबारकपुर में युवक की गोली मारकर हत्या में दो आरोपी गिरफ्तार, तमंचा और कारतूस बरामद, कार के अंदर चली थी गोली, राजनीतिक गलियारों में भी मचा हड़कंप

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आजमगढ़। जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त और पैसों के लेनदेन को लेकर हुई युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतक के ही दो करीबी दोस्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
पुलिस के अनुसार, जहानागंज थाना क्षेत्र के कोढ़वा गांव निवासी सुनील कुमार ने 21 मई 2026 को मुबारकपुर थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई सुशील कुमार 20 मई की रात अपने साथी उमाशंकर उर्फ पिन्टू यादव के साथ चार पहिया वाहन से एक निमंत्रण कार्यक्रम में गया था। देर रात सूचना मिली कि रानीपुर गांव जाने वाले मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास सुशील कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मामले में हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने सीडीआर, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल के सीन रिक्रिएशन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान मृतक के करीबी साथी उमाशंकर उर्फ पिन्टू यादव और वीरेंद्र उर्फ बिन्दू यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद पुलिस ने सोमवार तड़के सठियांव रेलवे स्टेशन के पास से उमाशंकर यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 400 रुपये बरामद हुए। वहीं दूसरी कार्रवाई में वीरेंद्र उर्फ बिन्दू यादव को कोढ़वा-अचलपार मार्ग स्थित मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 150 रुपये बरामद किए गए।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी। 20 मई की रात उमाशंकर यादव ने वीरेंद्र यादव को रानीपुर बुलाया था। गाड़ी में पहले से सुशील कुमार मौजूद था और वह नशे की हालत में था। रास्ते में जमीन के लेनदेन और पैसों के विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद उमाशंकर ने सुशील कुमार के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही उसकी मौके पर मौत हो गई।
हत्या के बाद वारदात को अलग दिशा देने के लिए आरोपियों ने कार के शीशे पर भी फायरिंग की। बाद में तमंचा वीरेंद्र यादव को छिपाने के लिए दे दिया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद कर लिए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, एससी/एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। इस हत्याकांड के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ता जा रहा है।

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