
आजमगढ़। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में तैनात जूनियर असिस्टेंट आकाश यादव को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर एक निजी विद्यालय की स्थायी मान्यता की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायतकर्ता चंद्रशेखर शर्मा ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके विद्यालय की स्थायी मान्यता के लिए बीएसए कार्यालय में तैनात कर्मचारी वीरेन्द्र राय उर्फ ब्लू राय तथा जूनियर असिस्टेंट आकाश यादव ने 85 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में 65 हजार रुपये पहले देने और शेष राशि मान्यता मिलने के बाद देने की बात कही गई।
शिकायत की गोपनीय जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये के केमिकल लगे नोट देकर बीएसए कार्यालय भेजा गया। निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी को रिश्वत की रकम दी और संकेत मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान आरोपी आकाश यादव को पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से वही 10 हजार रुपये बरामद हुए, जिनके नंबर पहले से दर्ज किए गए थे। केमिकल परीक्षण में भी उसके हाथ धुलवाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
कार्रवाई के दौरान दूसरा आरोपी वीरेन्द्र राय उर्फ ब्लू राय मौके पर नहीं मिला। टीम ने उसकी तलाश की, लेकिन वह कार्यालय में उपस्थित नहीं था।
इस मामले में कोतवाली थाना आजमगढ़ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन टीम आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
आजमगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम आजमगढ़ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक आकाश यादव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर विद्यालय की मान्यता दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता से घूस मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, एक विद्यालय संचालक से मान्यता संबंधी कार्य कराने के एवज में कनिष्ठ सहायक आकाश यादव द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एंटी करप्शन संगठन को दी। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाया और बुधवार को आरोपी को रिश्वत की रकम लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को अपने साथ लेकर आवश्यक पूछताछ और कानूनी कार्रवाई में जुट गई। कार्रवाई की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। कार्यालय परिसर में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन विभाग का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
