
अतरौलिया से आशीष कुमार निषाद। नगर क्षेत्र के पूरब पोखरा स्थित ठाकुर जी के प्राचीन मंदिर में शुक्रवार को एक श्रद्धालु को पूजा-अर्चना करने से रोकने के आरोप को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया और मंदिर में सभी श्रद्धालुओं के निर्बाध प्रवेश एवं पूजा-अर्चना की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
वार्ड नंबर-9 निवासी विशाल सोनी का आरोप है कि वह वर्षों से मंदिर में नियमित रूप से पूजा-पाठ करने आते हैं। शुक्रवार को जब वह मंदिर पहुंचे तो मंदिर के संरक्षक (पुजारी) ने उन्हें पूजा करने से रोक दिया। उनका कहना है कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मंदिर में दोबारा न आने की धमकी भी दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर के बाहर एकत्र हो गई। नगर निवासी नवनीत जायसवाल ने कहा कि यह एक सार्वजनिक एवं ऐतिहासिक मंदिर है, जहां वर्षों से क्षेत्र के लोग पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में पूजा करने से नहीं रोका जाना चाहिए।
सूचना पर डायल-112 पुलिस तथा थाना प्रभारी देवेंद्र नाथ दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और समझाइश देकर मामला शांत कराया। थाना प्रभारी ने मंदिर के संरक्षक को निर्देश दिया कि किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश और पूजा-अर्चना से न रोका जाए।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद विवाद समाप्त हो गया। पुलिस ने लोगों को आश्वस्त किया कि मंदिर सार्वजनिक आस्था का केंद्र है और सभी श्रद्धालु वहां बिना किसी भय या बाधा के पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
