
आजमगढ़। मानवता को झकझोर देने वाला एक संवेदनशील मामला जनपद की दीवानी न्यायालय परिसर से सामने आया है। नए अधिवक्ता भवन के पास एक बंदर पिछले पांच दिनों से गंभीर रूप से बीमार और असहाय अवस्था में पड़ा हुआ है। उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन अब तक उसे न तो उपचार मिला है और न ही किसी विभाग ने उसके रेस्क्यू की पहल की है।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिवक्ताओं के अनुसार बंदर पिछले कई दिनों से एक ही स्थान पर पड़ा हुआ है। वह न तो ठीक से उठ पा रहा है और न ही इधर-उधर जा पा रहा है। मरणासन्न स्थिति में पड़े इस बेजुबान जीव को देखकर लोगों में चिंता और नाराजगी है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण परिसर में एक वन्यजीव पांच दिनों से तड़प रहा है, लेकिन वन विभाग और संबंधित अधिकारी अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सके हैं। इससे पशु संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों, अधिवक्ताओं और जीव प्रेमियों ने जिला प्रशासन, वन विभाग तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर भेजकर बंदर का उपचार कराया जाए तथा आवश्यक होने पर उसका रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए, ताकि उसकी जान बचाई जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उपचार नहीं मिला तो बंदर की जान जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की लापरवाही पर होगी।
