
आजमगढ़। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने शुक्रवार को “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान के तहत विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अतुल कुमार यादव के नेतृत्व में विभिन्न विद्यालयों की बसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बसों में लगाए गए अग्निशमन यंत्रों की कार्यक्षमता की जांच कराई गई। एआरटीओ (प्रवर्तन) ने स्वयं बस चालकों से फायर सिलिंडर संचालित कराकर यह देखा कि आपात स्थिति में चालक सुरक्षा उपकरणों का सही ढंग से उपयोग कर सकते हैं या नहीं। इसके साथ ही प्रत्येक बस में उपलब्ध इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन द्वार) का भी परीक्षण किया गया, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में उसका तत्काल उपयोग किया जा सके।
अतुल कुमार यादव ने बस चालकों और परिचालकों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर थोड़ी सी असावधानी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए वाहन संचालन के दौरान पूरी सतर्कता बरतना आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन को भी निर्देशित किया गया कि सभी स्कूल बसों की समय-समय पर तकनीकी जांच कराई जाए तथा फायर सिलिंडर, इमरजेंसी डोर और अन्य सुरक्षा उपकरणों को हमेशा चालू एवं उपयोग योग्य स्थिति में रखा जाए।
परिवहन विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निरीक्षण और जागरूकता अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे, ताकि स्कूल वाहनों में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो सके।
