
आजमगढ़: अतरौलिया क्षेत्र की अस्थायी पेडरा गौशाला का शुक्रवार को नायब तहसीलदार विवेकानंद ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में गंदगी, पशुओं के खाली हौद और कुछ हौदों में गोबर मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए केयरटेकर को जमकर फटकार लगाई। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी और पशु चिकित्सक को अभिलेखों सहित कार्यालय में तलब किया।
निरीक्षण के समय गौशाला का मुख्य द्वार बंद मिला। नायब तहसीलदार ने ग्राम विकास अधिकारी को फोन कर केयरटेकर रामरतन से ताला खुलवाया। अंदर प्रवेश करते ही बरसात के कारण फैली गंदगी और गोवंशों की देखरेख की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई।
उन्होंने गौशाला में संरक्षित गोवंशों की संख्या, उनके भोजन, भूसा, चोकर और साइलेज की उपलब्धता तथा प्रतिदिन दिए जाने वाले चारे की जानकारी ली। निरीक्षण में कई हौद खाली मिले, जबकि कुछ में गोबर भरा था। इस पर उन्होंने केयरटेकर को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही से गोवंशों में खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने नियमित साफ-सफाई और समय पर चारा-पानी उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए।
ग्राम विकास अधिकारी अभय कुमार यादव ने बताया कि गौशाला में 81 गोवंश संरक्षित हैं, जिनमें दो बीमार हैं। गौशाला में 46 कुंतल भूसा, 18 कुंतल साइलेज और पर्याप्त मात्रा में चोकर उपलब्ध है। उनके अनुसार प्रत्येक गोवंश को प्रतिदिन दो किलोग्राम भूसा, तीन किलोग्राम साइलेज और एक किलोग्राम चोकर दिया जाता है।
नायब तहसीलदार विवेकानंद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान संबंधित रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया। गौशाला में गंदगी और हौदों में चारे की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और पशु चिकित्सक को रजिस्टर के साथ बुढ़नपुर कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं, ताकि अभिलेखों के आधार पर गोवंशों के रखरखाव और चारा वितरण की विस्तृत जांच की जा सके।
